Book Details

साठोत्तरी हिन्दी कविता में जनसंघर्ष

साठोत्तरी हिन्दी कविता में जनसंघर्ष

Author(s): डॉ. मंजू यादव
Language: Hindi
Format: Single-Component Retail Product (Book)
Year of Publication: 2025
Publisher Name: National Press Associate
ISBN 978-93-48843-09-8
Price Paperback: ₹850.00

About the Book

साठोत्तरी हिन्दी कविता भारतीय समाज और साहित्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ का प्रतीक है। यह केवल काव्य-शिल्प में परिवर्तन की धारा नहीं थी, बल्कि यह सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक बदलावों की अभिव्यक्ति का भी माध्यम बनी। 1960 के दशक में भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अपनी नई पहचान तलाश रहा था। स्वतंत्रता के बाद देश को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर असंख्य चुनौतियों का सामना करना पड़ा। नेहरूवादी समाजवाद की आदर्शवादी अवधारणा धीरे-धीरे विफल होती जा रही थी और जनता अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक हो रही थी। इस दौर में भारत में लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के बावजूद असमानता, भ्रष्टाचार और सत्ता के केंद्रीकरण जैसी समस्याएं बनी रहीं। इसी पृष्ठभूमि में साठोत्तरी कविता का उद्भव हुआ, जिसमें एक नई दृष्टि, नया मुहावरा और एक नए प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई दी।